Legal Question in Criminal Law in India

मैंने एक फ्री होल्ड मकान खरीदा था , जो कि जिनोह ने बेचा था उनके दादा जी के नाम का था ,जिनके कि पाँच पुत्र थे , जेसे कि उनके दादा जी ने रजिस्टर्ड वसिअत कि थी कि उनकी म्रितु के बाद उनकी सम्पति में केवल उनके दो पुत्र ही मालिक होंगे परंतु उनकी पत्नि ( दादी ) जब तक जिंदा है वह् भि मालिक होगी ,ओर दादी कि म्रितु के बाद उपरोक्त दोनो बेटे ही उस मकान के मालिक होंगे , ओर बाकी लेगल वारिस कोइ भी इस विल में दखल नहि दे सकता , अत: विल के मुताबिक जो दो पुत्र थे, ओर उन्हों ने उस विल के संदर्ब से अल्फ्नामा बना के दिया कि वह दोनों ही केवल दो हे पुत्र थे आपने पिता के ओर बाकी कोई लेगल वारिस नही है ओर लॉक निर्माण विभाग ने उनके इस गलत हलफनामे के आधार ओर रजिस्टर्ड विल , मृत प्रमाण पत्र , शती पूर्ति पत्र, आदी के आधार पैर उपरोक्त मकान दोनों लेगल वारिस के एक वारिस कि पत्नी व दूसरे भाई जिसकी म्रितु हो गइ थी, उसकी बेटी के नाम खाता अंकित हो गई ओर उन्हों ने फ्री होल्ड भी कार दिआ था , उसके उप रनात

उन दोनों ने हमे वोह मकान बीच दिया सेल दीद करवा के ह्म मकान मालिक बन गयए ओर मकान बनने के लिए ह्म ने नक्शा दखिन किया तो वहा पर बाकी तीन भाई अप्ती पत्र कि इस मकान में उनका भी हिसा है ओर फिर उन्हों ने हमे भी बताया तब हम सकते में आ गयए ओर हुम्ने उन्से जिन्होने हमेंमकान यह कहाँ के बेचा थाकि ओर कोईभी भाई नही है तब यह लोग कौन है ? तब उन्हों ने बताया कि हमने यह मकान रजिस्टर्ड विल के आधार पर फ्री होल्ड करवा के बेचा है ओर वह लोग कुछ नही कर सकतेलकिन उन लोगो पे हमने विश्वास नही किआ ओर उनकों एक लेगल नोटिस भी भेज दिआ जिसमें उन लोगो ने स्वीकार किआ कि व्ह पाँच भाई थे ओर अगर हलफनामा गलत साबित हो जाता है तो सरकारी विभाग के कहने पैर व्ह लोग उसको दोबारा भी बदल देंगे , परंतु हम ने फिर भी उनके खिलाफ कंप्लेंट पुलिस विभाग में कर दी थी , परंतु उसका कोई भी असर नही हुआ तब हुम्ने एक केविएत कोर्ट में दाखिल कर दिआ ओर इस परिणाम यह कि उन तीन भाइयों ने जिनके नाम विल में नही थे उन्हों ने कोर्ट में मुकदमा दाखिल कर दिया प्रतिशन केस्स ओर हमें पार्टी बना दिअ जिसमे कोर्ट ने दूसरी तिथि पर ही सटे ऑर्डर दे दिआ , इस पैर हम ने फिर कोर्ट में लगाईं जो कि डिस मिस कर दी गई जिसको हम ने दोबारा सेसन कोर्ट में दखिन किया परंतु व्हा भी अभि तक कोई सुनवाई नही हो रही है ? मेरा प्रश्न है कि क्या हम चिटीन्ग केस्स मेंसफल हो प्येंगे या नही सेस्सोन कोर्ट में ? या हमें प्री अवि डांस में निचे कि कोर्ट में ही ग्वहिआ करवाने में फय्दा मिले गाँ , क्यो कि हमे हुमारा वकील कहाँ रहा है कि अगेर सेस्सोन में फ़ आयी र लग भी गई तो भी वहा पैर दोबारा पुलिस जाँच होगी तब पुलिस वही लिखे गे जो पहले के ई अफसर ने लिखा ओर साथ ही साथ व्ह क्लोसेर रिपोर्टें भी ल्गा देगा ओर कसेदोबारा डिस मिस हो जाएँ गाँ क्या यह बात ठीक है ? अगर ठीक है तो कृपा मुझे सलाह दे कि मै कौन सि तरफ जाउ ?

Asked on 9/03/13, 11:20 am

1 Answer from Attorneys

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It is better that you change your advocate.

Coz aap ko Caveat file nahi karni chahiye thi.

puri enquiry k liye kirpya aap personally mile ya conultation le sakte hai.

Regards

adv.kamal.grover@gmail.com

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9/05/13, 9:56 pm

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