Legal Question in Banking Law in India

मेरे बन्धु,BHAI,DOST :- मै आज बहोत तनाव में जी रहा हूँ ,कारण मेरे साथ हुआ कदम कदम पर धोखा, प्रताड़ना और अपनी पुलिस,नेता और प्रशासन की निष्क्रियता और पैसों धन-बल की कमी के चलते आज मेरी ये हालत हो गयी है !क़ानून के जाल में बुरी तरह उलझ गया हूँ !

बात थोड़ी पुराणी है 2006-07 की --पढाई के बाद कुछ काम सूझ नहीं रहा था !

एक जिगरी दोस्त सोनू ने कहा की

गाडी निकाल ले मै चला लूँगा और दोनों कमायेंगे !मैंने किसी से डेढ़ लाख रूपये उधार लेकर गाडी इंडिका निकाल ली,डीएसए ने 70 हजार में गाडी मुझे दिला दी ,हरियाणा के एड्रेस पर,itr भी उसने खुद ही बनवा लिया था मेरे नाम से,उसमे लोकल एड्रेस था मेरा, कुछ समय बाद काफी भाग दोड के बाद भी जब सोनू ने गाडी नहीं चलायी तो मेरी हालत खराब होने लगी ,की अब क्या करूँ ?उसने मुझे बीच भवँर में डुबो दिया था,पता

नहीं किस जनम का बैर लिया उसने,

फिर भी एक साल जैसे तैसे खीचा इधर उधर ले देकर किश्त भरता रहा !सरेंडर की जब सोची तो बताया गया की और भी अलग से रुपया देना होगा पहले, तब गाडी सरेडर हो पाएगी ! दिसम्बर 2007 में जो घटना घटी वो आज तक मुझे झंझोड़ देती है,कृष्णा काम्प्लेक्स निठारी में एक दुकानदार थे मास्टर जी ,मुज्जफरनगर की तरफ के , उन्होंने मेरी दयनीय हालत और तनाव में जीता जानकार एक जगदीश रॉय नाम के आदमी से मिलवाया

यही आदमी मेरे जीवन में शनिचर बनकर आया और सब तबाह कर गायब हो गया,इसी की देंन है की आज में मर मर कर जी रहा हूँ,मुझे बताया गया की ''जगदीश का काम गाड़ियों का ही है और मै उसे गाड़ी दे दूँ ताकि वो महीने पर खुद ही किश्त भर देगा और मै तनाव मुक्त रहूँगा !मैंने भरोसा कर गाडी जल्दबाजी में उसे सोंप दी,बिना कागजी लिखा पढ़ी के, उस समय मुझे वो देवदूत लगा,जो मुझे डूबने से बचाने आया था, पर हकीकत

कुछ और थी ! वो तो ठग था ये उसका काम था, कई गाडी वो बिहार पार कर चूका था,नकली नोट, कब्ज़ा करना ये सब उसका काम था,और उसे गलत दबंगों(निठारी नेता रामकुमार चौधरी,अनिल शर्मा जैसों का )वरदहस्त भी प्राप्त था ! उसकी पत्नी और बेटी वेश्या वृत्ति करती थी,बेटा जेबकतरा और खुद बाप ठग ! यानी पूरा खानदान ही बिगड़ा था !

ये सब जब मुझे पता चला मै गया अपनी गाडी वापस लेने,कई बार

मुझे टरकाया गया,बाद में बताया की गाडी एक्सीडेंट हो गयी है बनवाकर दे दूंगा ! जब काफी समय गुजर गया मैंने गाडी फिर माँगी,बस उसने रंग दिखाना शुरू कर दिया कहा कि ''जा तेरी गाडी कबाड़ हो चुकी लावारिस खड़ी है ले जा सेक्टर 55 के पास,जाकर जब मैंने देखा तो बस गाडी में लोहा था और कुछ नहीं,बस चेसिस ! मै सर पकड़ कर बैठ गया ! की अब क्या होगा ?

रिकवरी बैंक के फिर फोन आने शुरू हो गए की पैसा दो,मैंने उन्हें सब सच सच बताया, की मेरे साथ क्या हुआ ? शुक्र था की गाडी इन्स्योर्ड थी,परन्तु उन्होंने कहा की आपने गाडी ट्रेवल्स में चलायी इसलिए कवर नहीं होगा !यानी सारी आशा ख़तम !

मैंने पुलिस में शिकायत की सेक्टर 58 थाना में उन्होंने अनसुना कर दिया,फिर चौकी हरिदर्शन में शिकायत की वो भी बेकार,सेक्टर 20 थाना में की सब बेकार,सीओ प्रथम। सीईओ द्वतीय वनः भी कोई फरक नहीं थाना 24 ,में भी कोई फरक नहीं,अलग घटना क्षेत्र और सिविल का केस है कह कर,कोर्ट जाओ, पल्ला झाड लेते,और अन्दर जेल में डालने की धमकी देकर भगा देते,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौतम बुद्ध नगर को यंहा न्याय

माँगा परन्तु सब फेल ! डीएम, सी ऍम, ऍम अल ए,ऍम पी ,पी ऍम,राष्ट्रपति,मानवाधिकार आयोग सब जगह खूब भाग दोड की,गुहार लगायी,हाथ जोड़े, परन्तु सब बेकार हो गया,धन बल और राजनैतिक पहुँच नहीं थी न मेरे पास,इसलिए जीरो रिजल्ट रहा !

एक सहपाठी वकील दोस्त ने कहा सबसे पहले एफआईआर लिखाओ,तब केस होगा, पुलिस अफआईआर लिखने को राजी नहीं,उल्टा फ़साने की धमकी देकर भगा देती, हर बार ! '' नहीं लिखते, बोल के करेगा तू '' कोर्ट जा कोर्ट ! ''एक काम कर उसे पकड़ के ले आ'' रात दिन नजर रख उस पर मिल जाये तो हमारे पास ले आना '' हम नहीं जान वाले कहीं '' ! हम के तेर्रे नोक्कर हैं के''

इसी समय साल 2013 में जब मुझे RTI के बारे में पता चला मैंने एक डाल दी कि मेरे मामले में अब तक क्या हुआ ? काफी दोड धुप और गाली सुनने के बाद जवाब आया की जाँच चल रही है ! ये है हमारी पुलिस !पुलिस द्वारा मुझसे रिश्वत मांगी गयी की रूपये 50,000 दे दे, गाडी चोरी में दिखा कर इंश्योरेंस से पैसे दिलवा देंगे ! बैंक का केस भी निपट जायेगा, मैंने कहा '' इतने पैसे होते तो बैंक को ही न दे देता कोर्ट केस न लड़

लेता ?क्यू दर दर फिरता ?

* शुरू में ये जगदीश रॉय सेकटर 55 जनता फ्लैट C 1- 55 में था,वंहा से 30,000 रूपये दे कर जब फ्लैट खाली कराया मकान मालिक ने !

फिर सेक्टर 12, Y - 83 में ये आ गया !इसे पकड़ने के लिए रात दिन इसके यंहा मैंने हजारों चक्कर लगाये,पर ये कब्जे में नहीं आया, किराया देना तो दूर,वंहा भी कब्ज़ा कर लिया इसने, उल्टा मकान मालिक को धमकाने लगा,और खाली करने के लिए पैसा माँगा ! मकानमालिक ने उल्टा कोर्ट केस कर दिया,कहा की '' अभी तक इसे कोई मिला नहीं है इसलिए ये जुर्म पर जुर्म करता जा रहा था'' ! तब भी मैंने पुलिस से कहा था की पकड़ लो

इसे भाग सकता है पर पुलिस ने हर बार की तरह अनसुना कर दिया,नतीजा अब ये कोर्ट के डर से वंहा से भी भाग गया है ! वर्तमान में पता नहीं कहाँ है ?

* रामकुमार गुज्जर निठारी इसका साथी है,ये मकानमालिक से डील करता था की मै आपका इस आदमी (जगदीश ) से मकान खाली करा दूंगा ! और फिर दोनों आधा आधा लेकर मकान खाली कर देते थे, और किसी नए शिकार की तलाश में निकल पड़ते थे!

* जगदीश रॉय की पत्नी की अच्छी राजनैतिक पहुँच है तभी तो एक बार जब मकानमालिक ने किराया न देने पर,इसका सारा सामान बाहर फिकवा दिया था तब पुलिस आई और सारा सामान अन्दर करवा के गयी मेरे सामने !सब देखते रह गए,इसके पडोसी सब जानते हैं इसके बारे में। । मुझसे कहते थे कि '' तुम कहाँ फँस गए इनमे ? अब बच नहीं पाओगे,वही हुआ भी,आज तक मै परेशान हूँ कि क्या होगा मेरा ?

* गाडी की किश्त भरने के लिए पर्सनल लोन लिया (80,000) पर आज तक चूका न पाया,पैसा है ही नहीं दूँ कहाँ से ? जिन्दगी ही मुश्किल से कट रही है इस महंगाई में,फिर भी आये दिन फ़ोन पर धमकी मिलती रहती हैं की या तो पैसा दो या फिर जेल जाओ, कोर्ट से नोटिस आये दिन,********** ये जगदीश बर्बाद कर गया मुझे,आये दिन टेन्शन में जीना पड़ता है !

** एक और गाडी आल्टो थी मुझ पर इन सबके चक्कर में

उसकी भी किश्त नहीं गयी,बैंकर उसे भी उठा कर ले गए ! यानी दो गाडी और एक पर्सनल लोन ,जो आईसीआईसीआई बैंक से थे,सब बर्बाद कर गए मुझे ! आये दिन आल्टो का बकाया के लिए भी नोटिस आते रहते हैं ! कहते हैं की रोहिणी दिल्ली कोर्ट में ये केस हैं ,ये सब मुझे डिप्रेशन में डाल देते हैं, रोज के रोज !

******* अगर पुलिस समय पर सुन लेती तो आज ये सब नहीं होता !!!!!! और इमानदारी से अपना काम करती तो.

क्या करू मै ? रात दिन इसी तरह घुट घुट कर जीता रहूँ ,आखिर कब तक ?????

इससे जुड़े लोग ये थे :- इन्हें सब पता है

1. वकील इरशाद: 9811095160. नोएडा (मकान मालिकY -83 सेक्टर 12 के ) जगदीश रॉय के खिलाफ - सब जानते हैं

2. बरुआ जी 09871546262. मकान मालिक Y -83 सेक्टर 12 के

3. सीओ नोएडा 09910541480.

४. सीओ नोएडा 09717090971.09958225292

५. चौहान प्रॉपर्टी (गाडी दिलाने वाला बिचोलिया) मास्टर जी :-09811155525.

६. दीवान जी सेक्टर 24 थाना 09871072881.

गंगा शर्मा गाडी की किश्त ले जाने वाला :- 09810335897.

गुलफाम मिस्त्री लास्ट टाइम गाडी देखने वाला 09818895041, 09458536659.

आईसीआईसीआई बैंक 02267107836. 01141490026.

इंस्पेक्टर जय प्रकाश 08802040461.

इंस्पेक्टर हर्ष भदोरिया 08010739264.

इंस्पेक्टर खान 09312082120.

नईम आल्टो गाडी ले जाने वाला :- 09999906298.

सुरेश त्यागी आल्टो गाडी ले जाने वाला :-09999178833.

बैंकर नवीन त्यागी 09560255454.

जगदीश रॉय के पडोसी , सोनी जी :- 09891136222.

थाना सेक्टर 24 दीवान परमिंदर 09717212379.

शर्मा आईसीआईसीआई 09650297776.

थाना सेक्टर 24 -:09810809380.

ये सब पूरा मामला जानते हैं,इसके अलावा,कई डाक्यूमेंट्स नोटिस आदि हैं मेरे पास !

क्या सब कुछ इग्नोर कर दूँ ?

यूँ ही चुप चाप बैठा रहूँ ? अगले कोर्ट नोटिस तक

****** सात साल बाद आज फेसबुक से राजेश इस्कोन वाले से बहाने से मेरा नंबर ले लिया इन्होने, और फोन पर बदतमीजी की, अपने अभिषेक शुक्ल से भी की ! पर्सनल लोन फ़ौरन चुकाने को कहा वर्ना अंजाम भुगतन एको तैयार रहने को कहा।

सब और से थक चूका हताश हो चूका क्या करूँ ? पैसा है नहीं ,होता तो कब का इनके मुह पर फेक मारता !

हे भगवान् मदद कर, जय श्री कृष्णा

[email protected]


Asked on 9/17/13, 10:30 pm

1 Answer from Attorneys

Fca Prashant Chavan Expert Edge LLP

18.09.2013

Dear Friend,

I have read your entire query through and through and I notice that you have all along believed people at face value without you yourself having applied your mind to retain control over your own activities. Life is a struggle ... there in nothing to feel depressed and dejected about.

First and foremost, when you took loan for the tourist Indica vehicle in your name, if your friend vehemently refused to drive it, you should have driven it and earned money thereon yourself. But you chose not to do it, relaxed, and relied on your friend, which to me is just a simple excuse. Do you have an answer why you did not drive the new car yourself ? Was it below your dignity to be driving a tourist taxi ? Did you not earn a penny by hiring out the vehicle to ply distances all over Delhi, Noida and Gurgaon which is a very good flourishing business, the toll at all places paid by the customer.

You have nicely given the names and mobile numbers of all those with whom you were associated all along, without mentioning your own full name and your mobile number. Why ? Is it not a case that of you sitting very innocently with your hands folded, and expecting a God sent messenger to shower their sympathy on you and work for you ? In what way do you benefit or gain by maligning other people ?

Be mentally tough and be prepared for the worst ... to serve a jail sentence for your follies ... so that you never ever make such grave mistakes again.

If you are willing to pick up the cudgels, work hard, get to terms with yourself, and get on in life ... become an autorickshaw driver ..you will earn Rs. 600 - Rs. 800 per day by plying the auto for 12 hours. If you run it longer, you will earn more. Keep aside Rs. 400 - Rs. 500 of your daily earning, and deposit it in the bank every 15 days to show the bank that you are repaying the loan installments. I am just thinking aloud to find ways and means of how you can get back on track.

Regards,

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Answered on 9/18/13, 12:11 am


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